विद्यालय संस्थापक स्व० कैप्टन सुखवासी सिंह का एक परिचय

कैप्टन साहब की बहिर्मुखी प्रकृति, उनके अन्तर में धधकती देश प्रेम की ज्वाला, उनकी मनमोह लेने वाली मुस्कान और दीन-हीनजनता के प्रति उनकी असीम करूणा, घाटमपुर और उसके आस-पास की सम्पूर्ण जनता को निर्भीक नेतृत्व प्रदान करने के लिए निश्चय ही पर्याप्त थी। वे अपनी जाति के ही नहीं सम्पूर्ण घाटमपुर की जनता के गौरव थे।

कैप्टन सुखवासी सिंह का जन्म 15 मार्च 1914 को कानपुर जनपद की घाटमपुर तहसील के चन्दपुर ग्राम में एक मध्यमवर्गीय कुर्म क्षत्रिय किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम रामदयाल सिंह था। उन्होंने केवल मिडिल तक की शिक्षा प्राप्त करके देश और समाज की समस्याओं से जूझने के लिए राजनीति के कांटो भरे मार्ग में पदार्पण किया। बाल्यकाल से ही वे प्रखर बुद्धि, संवेदनशीलता और देशप्रेम की भावना से ओत-प्रोत थे। इसलिये स्वतंत्रता आन्दोलन से वे अपने को। अलग नहीं रख सके। स्वाधीनता आन्दोलनों में अपनी सक्रिय भागीदारी के दौरान उनका सम्पर्क देश के बड़े-बड़े नेताओं से हुआ और उनसे प्रभावित होकर उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन देश के लिये समर्पित कर दिया।